By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Punah Gaon Ki AurPunah Gaon Ki Aur
  • उत्तराखंड
  • स्वरोजगार
  • करियर
  • देश – विदेश
  • राजनीती
  • बागवानी
  • पलायन
  • पर्यटन
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Punah Gaon Ki Or. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: मुख्यमंत्री के हाथों ई-रूपी प्रणाली एवं चार नई कृषि नीतियों का शुभारंभ
Notification Show More
Latest News
सीएम धामी ने 1456 अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र, कहा- पारदर्शिता और समर्पण के साथ करें काम
उत्तराखंड राजनीती
पेपर लीक पर सीएम धामी सख्त, बोले– नकल और कोचिंग माफिया की साजिश किसी हाल में सफल नहीं होगी
Editors Pick Uncategorized उत्तराखंड देहरादून
PM Modi
उत्तराखंड आपदा: पीएम मोदी कल करेंगे दौरा, दून में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई
Uncategorized उत्तराखंड देहरादून
Supreme Court on Floods and Landslides
बाढ़ और भूस्खलन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: पेड़ों की गैरकानूनी कटाई को लेकर सरकारों से जवाब-तलब
Uncategorized
July 11, 2025
Uncategorized
Aa
Punah Gaon Ki AurPunah Gaon Ki Aur
Aa
  • पर्यटन
  • देश – विदेश
  • पलायन
  • राजनीती
  • बागवानी
Search
  • उत्तराखंड
  • स्वरोजगार
  • करियर
  • देश – विदेश
  • राजनीती
  • बागवानी
  • पलायन
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Punah Gaon Ki Or. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
उत्तराखंडदेहरादून

मुख्यमंत्री के हाथों ई-रूपी प्रणाली एवं चार नई कृषि नीतियों का शुभारंभ

Devi Prasad Raturi
Last updated: 2025/05/17 at 4:38 PM
Devi Prasad Raturi
5 Min Read

मुख्यमंत्री के हाथों ई-रूपी प्रणाली एवं चार नई कृषि नीतियों का शुभारंभ

जल्द तैयार होगी प्रदेश की फ्लावर और हनी पॉलिसी

देहरादून।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में आधुनिक तकनीक पर आधारित “ई-रूपी” प्रणाली का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने राज्य की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए चार महत्वाकांक्षी कृषि नीतियों (कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट, सेब तुड़ाई उपरांत तुड़ाई योजना और मिलट मिशन) का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकार जल्द ही प्रदेश में फ्लावर और हनी पॉलिसी भी तैयार करेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-रूपी प्रणाली राज्य के अन्नदाताओं के लिए एक नई पहल है। “ई-रूपी प्रणाली” किसानों के लिए पारदर्शी, तेज और बिचौलिया-मुक्त डिजिटल भुगतान का नया माध्यम बनेगी। इस प्रणाली के अंतर्गत पायलट परियोजनाओं में किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि ई-वाउचर (SMS या QR code) के माध्यम से सीधे उनके मोबाइल पर भेजी जाएगी, जिसे वे अधिकृत केंद्रों या विक्रेताओं से खाद, बीज, दवाएं आदि खरीदने में उपयोग कर सकेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने ई-रूपी प्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को जागरूक किया जाए, ताकि वे इस तकनीक का समुचित लाभ उठा सकें। इन सभी पहलों का उद्देश्य राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में कृषि एवं रोजगार को सुदृढ़ करना है, जिससे पलायन जैसी समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। ये योजनाएं उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं अग्रणी कृषि राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

मुख्यमंत्री ने चार नई कृषि नीतियों का शुभारंभ करते हुए कहा कि ये सभी योजनाएं राज्य की कृषि विविधता को बढ़ावा देंगी और कृषकों की आय में वृद्धि का आधार बनेंगी।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2030-31 तक 5,000 हैक्टेयर में अति सघन बागवानी का लक्ष्य तय किया गया है। सेब भंडारण व ग्रेडिंग हेतु ₹144.55 करोड़ की योजना लॉन्च की गई है, जिसमें सी.ए. स्टोरेज व सोर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयों को 50-70% तक राजसहायता दी जाएगी। कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि मिलेट नीति के अंतर्गत 2030-31 तक 70,000 हैक्टेयर क्षेत्र आच्छादित करने के लिए ₹134.893 करोड़ का लॉन्च की गई है। इसमें किसानों को बीज बोआई और उपज खरीद पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। साथ ही ये नीतियाँ राज्य के कृषकों की आर्थिकी को सशक्त बनाएंगी और उत्तराखंड के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएंगी।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष चाय विकास सलाहकार परिषद महेश्वर सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष उत्तराखंड जैविक कृषि भूपेश उपाध्याय, जड़ी बूटी सलाहकार समिति के उपाध्याक्ष बलबीर धुनियाल, राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, जड़ी बूटी समिति के उपाध्यक्ष भुवन विक्रम डबराल, सचिव डॉ. एसएन पांडेय, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान, निदेशक आईटीडीए गौरव कुमार सहित विभिन्न जिलों के काश्तकार मौजूद रहे।

कीवी नीति की खास बातें

कुल लागत 894 करोड़ रुपये
6 वर्षों में 3500 हेक्टेयर भूमि पर कीवी उत्पादन का लक्ष्य
लगभग 14 हजार मीट्रिक टन वार्षिक कीवी उत्पादन का लक्ष्य
9 हजार किसानों को होगा प्रत्यक्ष लाभ

ड्रैगन फ्रूट नीति की खास बातें

कुल लागत 15 करोड़ रुपये
228 एकड़ भूमि पर ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन
350 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य
छोटे और मध्यम किसानों को लाभ

सेब तुड़ाई उपरांत प्रबंधन योजना

144.55 करोड़ रुपये की लागत
5,000 हेक्टेयर क्षेत्र को अति सघन बागवानी से आच्छादित करना
22 सी ए स्टोरेज इकाइयों एवं सॉर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयों की स्थापना
व्यक्तिगत कृषकों को 50 प्रतिशत और कृषक समूहों को 70 प्रतिशत तक अनुदान।

मिलेट नीति

135 करोड़ रुपये की लागत
दो चरणों में 68 विकासखंडों में 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेट उत्पादन के अंतर्गत लाना निवेश पर 80 प्रतिशत तक अनुदान।
प्रति हेक्टेयर पंक्ति बुआई पर 4000 रुपये और अन्य विधियों पर 2000 रुपये प्रोत्साहन।
किसानों को खरीद पर 300 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन।

[ruby_related total=5 layout=5]

TAGGED: Chief Minister Pushkar Singh Dhami, Dehradun news uttrakhand news
Previous Article मुख्यमंत्री के संकल्प, समाज के कल्याण को तत्पर रहें विभाग – राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल
Next Article मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा” का किया गया भव्य आयोजन
//

मैं देवी प्रसाद रतूड़ी आप सभी लोग जो मेरी सोच के तहत मुझसे जुड़े हो उसके लिए तहदिल से धन्यवाद | #punahgaonkior

Recent Posts

  • सीएम धामी ने 1456 अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र, कहा- पारदर्शिता और समर्पण के साथ करें काम
  • पेपर लीक पर सीएम धामी सख्त, बोले– नकल और कोचिंग माफिया की साजिश किसी हाल में सफल नहीं होगी
  • उत्तराखंड आपदा: पीएम मोदी कल करेंगे दौरा, दून में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई
  • बाढ़ और भूस्खलन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: पेड़ों की गैरकानूनी कटाई को लेकर सरकारों से जवाब-तलब
  • (no title)
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
« Oct    
Punah Gaon Ki AurPunah Gaon Ki Aur
Follow US

© 2023 Punah Gaon Ki Or. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?